Thursday, July 2, 2026
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संतुलित आहार/balanced diet

संतुलित आहार/balanced diet
संतुलित आहार/balanced diet

कौन है जो हैल्दी नहीं रहना चाहेगा। सभी चाहते हैं कि वे फिट रहें, हिट रहें पर संतुलित आहार का सही अर्थ सब नहीं समझ पाते, विशेषकर महिलाएं। परिवार के सभी सदस्यों का वे पूरा ध्यान रख लेती हैं पर अपने लिए उनके पास न तो टाइम है न एनर्जी ये सब लेने के लिए जबकि महिला घर की धुरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार सभी प्रकार की महिलाओं को रोजाना विटामिन, जिंक, प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर आहार लेना चाहिए। संतुलित आहार कैसा हो, इस बारे में अगर आप नहीं जानती तो अपनी डाइटीशियन से संपर्क कर आहार तालिका बनवाएं ताकि आप अपनी कार्य शैली के अनुसार संतुलित आहार को अपने भोजन में स्थान दे सकें और स्वयं हैल्दी रहकर परिवार को भी हैल्दी बना सकें।
अक्सर डायटीशिन्यस संतुलित आहार को तीन श्रेणियों में बांटते हैं ताकि आप अधिक से अधिक उन्हें ऑप्ट कर हैल्दी बनी रह सकें जैसे एनर्जी फूड, बाडी स्ट्रांग रखने हेतु फूड और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला फूड।
एनर्जी फूड में आप सभी प्रकार के अनाज, घी, तेल, मक्खन, चीनी, आलू, शकरकंदी और जिमीकंद नियमित आहार में शामिल कर सकती हैं।
शरीर को स्ट्रांग बनाने हेतु नट्स काजू के अलावा दालें, दूध वगैरह प्रतिदिन आहार में शामिल करें।
अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु विटामिंस, मिनरल्स और प्रोटीन का भरपूर सेवन करें। फल, किशमिश, दूध, पनीर, सब्जियां आदि नियमित लें।

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संतुलित आहार/balanced diet

प्रेग्नेंट औरत की डाइट:

गर्भावस्था का समय ऐसा समय होता है जब आपको पौष्टिक आहार का तो सेवन करना ही है, साथ में पेट में पल रहे शिशु को स्वस्थ जीवन प्रदान करना भी है। गर्भावस्था में खूब फ्रूट खाएं। जिस भी फ्रूट पर मन हो, वह घर में पर्याप्त मात्रा में रखें।
नाश्ते में दूध, अंडा, दलिया, मल्टीग्रेन ब्रेड, ओटस आदि पौष्टिक नाश्ता लें। लंच और ब्रेकफास्ट के बीच फ्रूट, किशमिश, बादाम, कसा हुआ खजूर आदि ले सकते हैं। कोकोनट वाटर भी पौष्टिकता प्रदान करता है। चाहें तो कोकोनट वाटर ले सकते हैं। दिन में सूप, दाल, हरी सब्जी, दही वगैरह ले सकते हैं। शाम को भुना नमकीन, फल, नट्स जो मन हो लें।
अगर आप चाय की शौकीन हैं तो ज्यादा दूध वाली चाय ले सकते हैं। एक रस या बिस्किट भी ले सकते हैं। वैसे चाय का सेवन कम से कम करें। हो सके तो ग्रीन टी ले सकते हैं। रात्रि में भोजन हल्का, सुपाच्य और समय पर लें। लेट नाइट डिनर न करें। लेट नाइट डिनर से गैस्ट्रिक की समस्या हो सकती है। रात्रि में ओट का या गेहूं का नमकीन दलिया और सब्जियों से भरपूर खिचड़ी ले सकते हैं।
गर्भावस्था में बैंगन, पपीता, प्याज, लहसुन, अदरक बाजरा अधिक मिर्च मसालों का सेवन करें।
अगर गर्भावस्था में गैस्ट्रिक की समस्या हो तो टमाटर और मटर की मात्रा कम कर दें।
कोल्ड ड्रिंक्स , नॉनवेज, अल्कोहल, धूम्रपान, चाय, कॉफी, आइसक्रीम बाजारी जूस का सेवन कम से कम करें।
रेशेदार फल-सब्जियों का सेवन करें ताकि कब्ज की समस्या न हो।

होम मेकर की डाइट:

अगर आप पूरी तरह से घर का मोर्चा संभालती हैं तो आपकी कैलरीज साथ साथ बर्न होती रहती हैं। ऐसे में पौष्टिक आहार नियमित नहीं लेंगी तो आपका एनर्जी लेवल कम हो जाएगा और आप सुस्त सुस्त लगेंगी, मूड भी ठीक नहीं रहेगा चिड़चिड़ापन आप पर हावी होने लगेगा।
ऐसे में अपनी डाइट में हरी सब्जियां, ताजे फल, नींबू, आंवला, अनाज, दालें, दही, दूध का नियमित सेवन करें। डाइट आप अपनी शारीरिक काम की क्षमता अनुसार लें। सुबह का नाश्ता सामान्य, दिन में दाल, दही, सब्जी, चपाती या चावल लें। शाम को स्प्राउटस ले सकती हैं या एक मुट्ठी मेवे के साथ ग्रीन टी या अधिक दूध वाली चाय कॉफी लें। रात्रि में भोजन समय पर हल्का सुपाच्य लें। चाय कॉफी का सेवन कम करें। ये शरीर को धीरे धीरे उसका अभ्यस्त बना देते हैं। फिर इनके सेवन के बिना शरीर सुस्त रहता है। दिन में एक दो बार ग्रीन टी ले सकते हैं।

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वर्किंग महिलाओं की डाइट:

कामकाजी महिलाओं को एक साथ दो मोर्चे संभालने होते हैं और सीट पर बैठे बैठे कई घंटे लगातार काम भी करना होता है। ऐसी महिलाओं को स्टेªस भी अधिक रहता है क्योंकि उनका दिन भर टाइट शेडयूल रहता है।
ऐसे में अगर शरीर को विटामिंस और मिनरल्स कम मिलें तो वे जल्दी बीमार पड़ सकती हैं। उन्हें नियमित रूप से जिंक, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स से भरपूर आहार लेना चाहिए ताकि शरीर एक्टिव बना रह सके।
प्रातः नाश्ते में एक फल, दलिया, दूध, मल्टीग्रेन ब्रेड और सीरियल्स लें। अगर फल खाने का समय घर पर नहीं मिलता तो साथ ले जाएं जो 11 बजे के आस पास ले सकते हैं। फल में पपीता, सेब, स्ट्राबेरी, आड़ू आदि ले सकते हैं. इनमें विटामिन ए की भरपूर मात्रा होती है।

मानसिक क्षमता बढ़ाने हेतु दूध, नट्स व स्प्राउट्स का सेवन अवश्य करें।
लंच में ग्रीन लीफी सब्जी लें जैसे पालक, ब्रोकली और अन्य हरी सब्जियां, साथ में दो तीन अनाज के मिक्स आटे वाली चपाती और दही। गर्मियों में आटे में बेसन, ओट्स का आटा, थोड़ा जौ का आटा मिक्स कर ले सकते हैं। सर्दियों में गेहूं के आटे में बाजरा, मकई का आटा भी मिक्स कर सकते हैं।

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रात्रि में हल्का भोजन खाएं:

सब्जियों के सूप के साथ मल्टीग्रेन ब्रेड, सलाद आदि भी ले सकती हैं। रात्रि में गरिष्ठ भोजन न खाएं। समय पर रात्रि का भोजन कर लें ताकि सोने तक आपका पेट हल्का महसूस कर सके। शाम की चाय के साथ भी तले स्नैक्स आदि न लें। ऑफिस में अक्सर लोग चाय, काफी, स्नैक्स अधिक लेते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और मोटापा बढ़ाते हैं।
गैस्ट्रिक प्रॉब्लम वालों को हर दो घंटे के गैप में कुछ हल्का खा लेना चाहिए। ब्रेकफास्ट कभी भी स्किप न करें। दूध और दूध से बने पदार्थ टोंड दूध वाले लें। ब्राउन ब्रेड का सब्जियों वाला सैंडविच भी आप ले सकती हैं। नाश्ते में या रात्रि में सूप के साथ।

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-सारिका असाटी

 

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