
भुजंगासन को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए बताया है कि यह योगासन कमर, पीठ और कंधों को मजबूत बनाने में बेहद लाभकारी माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसे गलत तरीके से करने पर शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है। भुजंगासन को ‘कोबरा पोज भी कहा जाता है, क्योंकि इस मुद्रा में शरीर का ऊपरी हिस्सा सांप के फन की तरह ऊपर उठता है।
गलत तरीके से करने पर बढ़ सकता है दर्द
कई लोग भुजंगासन करते समय कुछ सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण गलतियां कर बैठते हैं। इनमें कोहनियों को बाहर फैलाना, कंधों को कानों की ओर चढ़ाना, कमर को जरूरत से ज्यादा मोड़ना और नितंबों को अत्यधिक कसना शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन गलतियों की वजह से कमर, गर्दन और कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे चोट लगने या पुरानी समस्या बढ़ने का खतरा रहता है।
जानिए भुजंगासन करने का सही तरीका
भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं। पैरों को पीछे की ओर सीधा रखें और हथेलियों को छाती के दोनों तरफ जमीन पर टिकाएं। इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए सिर, गर्दन और छाती को ऊपर उठाएं। योग विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान रीढ़ और गर्दन को सीधा रखना चाहिए तथा नजर सामने की ओर होनी चाहिए। कंधों को नीचे और पीछे की तरफ रखें, जबकि कोहनियां शरीर के करीब रहें। जांघ, घुटने और पैर जमीन से जुड़े रहने चाहिए।
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नियमित अभ्यास से मिलते हैं कई फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से किया गया भुजंगासन कमर और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है, पाचन तंत्र बेहतर होता है और बॉडी पोस्चर में सुधार आता है।
यह आसन खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। शुरुआती लोग इस मुद्रा में 10 से 15 सेकंड तक रुक सकते हैं और अभ्यास बढ़ने के साथ समय बढ़ा सकते हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
जिन लोगों को कमर, गर्दन या कलाई में दर्द की समस्या है, वे यह आसन सावधानी से करें। वहीं गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इसका अभ्यास करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि योग का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब उसे सही तकनीक और शरीर की क्षमता के अनुसार किया जाए। विश्व योग दिवस नजदीक आने के साथ ही मंत्रालय लगातार योगासनों के सही अभ्यास और उनके फायदों की जानकारी साझा कर रहा है।
त्रिकोणासन शरीर को ऊर्जावान और मन को शांत रखने वाला बेहद प्रभावी योगासन है। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन, संतुलन और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।

शरीर को बनाता है मजबूत और लचीला
त्रिकोणासन, जिसे त्रिभुजासन भी कहा जाता है, शरीर को त्रिकोण आकार में लाने वाला योगासन है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर की लचक और संतुलन को बेहतर करता है।
श्वसन क्षमता में होता है सुधार
इस योगासन से फेफड़ों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। इससे शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।
डेस्क जॉब वालों के लिए फायदेमंद
लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए त्रिकोणासन काफी लाभकारी माना जाता है। यह पीठ दर्द, अकड़न और थकान को कम करने में मदद करता है।
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पाचन तंत्र को करता है मजबूत
शरीर को मोड़ने और स्ट्रेच करने की प्रक्रिया से पेट के अंग सक्रिय होते हैं, जिससे गैस, अपच और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

ऐसे करें त्रिकोणासन
- दोनों पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर फैलाएं
- दाएं पैर को 90 डिग्री बाहर की ओर मोड़ें
- दोनों हाथ कंधों की सीध में फैलाएं
- धीरे-धीरे दाईं ओर झुककर पैर या टखने को छुएं
- दूसरा हाथ ऊपर की ओर सीधा रखें
- 20-30 सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए इसी स्थिति में रहें
- फिर दूसरी ओर यही प्रक्रिया दोहराएं
सावधानी भी जरूरी
- विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर कमर दर्द, चक्कर आने या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए।
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