Friday, October 2, 2026
Homeप्रेरणाकर्मयोगीगांधी जयंती/Gandhi Jayanti

गांधी जयंती/Gandhi Jayanti

गांधी जयंती/Gandhi Jayanti
गांधी जयंती/Gandhi Jayanti

महात्मा गांधी, जिन्हें बापू के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था, और इस दिन को भारत में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसके साथ ही, 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। महात्मा गांधी को उनके अहिंसा आधारित आंदोलनों के लिए पूरे विश्व में सराहा जाता है, और यह दिन उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

महात्मा गांधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलते हुए देश को गुलामी से मुक्त कराया। गांधी जयंती पर हर साल हम राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके विचारों को याद करते हैं।

आज के समय में, विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को गांधीजी के आदर्शों को अपनाना चाहिए, ताकि वे देश हित में अपना योगदान दे सकें। यही गांधी जयंती मनाने का असली उद्देश्य है – बापू के सिद्धांतों को आत्मसात करना और उनके दिखाए मार्ग पर चलना। इस विशेष दिन को हर भारतवासी को पूरे उल्लास और गर्व के साथ मनाना चाहिए।

गांधी जी ने लंदन में पढ़ाई करके बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त की थी। भारत वापस आने पर उन्हें देश की स्थिति ने काफी प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने देश को आजाद करवाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान अतुलनीय है। शांति और अहिंसा के दम पर उनके द्वारा चलाए गए सत्याग्रह और आंदोलनों ने ब्रिटिश सरकार की ईंट से ईंट बजा दी थी। भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए उन्होंने अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने को मजबूर कर दिया था। महात्मा गांधी पर हर भारतीय गर्व करता है।

वह अपने अंतिम जन्मदिन पर राजधानी के तीस जनवरी मार्ग पर बिड़ला हाउस में थे। उन्होंने उस दिन उपवास, प्रार्थना और अपने चरखे पर अधिक समय बिताकर जन्मदिन मनाया। दरअसल गांधी जी के लिए जन्मदिन सामान्य दिनों की तरह होता था, वह उस दिन भी अपने काम में लगे रहते थे। 1931 में जब वह लंदन में थे, तब उधर बसे भारतीयों ने उनका जन्मदिन मनाया था।

Read this also – मंडेला की विरासत/Mandela Legacy

उस दिन, गांधी सोसायटी और इंडियन कांग्रेस लीग ने उन्हें चरखा गिफ्ट में दिया था। इससे पहले 2 अक्टूबर, 1917 को एनी बेसेंट ने बंबई के गोखले हॉल में बापू की तस्वीर का अनावरण किया था। साल 1922, 1923, 1932, 1942 और 1943 में अपने जन्मदिन पर वह जेल में थे। उन्होंने 1942 में जन्मदिन पर आइसक्रीम खाई थी, जेल अधीक्षक ने उन्हें फूलहार भेजे थे। बापू 1924 में जन्मदिन पर उपवास पर थे। यह उपवास हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए रखा गया था।

गांधी जी के लिए अंतिम जन्मदिन की तरह अंतिम दिवाली भी नीरस रही थी। वह 12 नवंबर, 1947 को दीपोत्सव वाले दिन दिल्ली में सबसे शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहे थे। उस दिन उन्हें कुरुक्षेत्र में शरणार्थियों से मिलने के लिए जाना था, पर वह वहां जा नहीं सके थे। उस दिवाली वाले दिन वह बिड़ला हाउस में कुछ लोगों से मिले थे।

गांधी जयंती/Gandhi Jayanti

बापू के ये अनमोल विचार

  • मैं मरने के लिए तैयार हूं, पर ऐसी कोई वजह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूं।
  • आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी।
  • खुद पर विश्वास और लहजे में शराफत थी, गांधी जी से ज्यादा उनके विचारों में ताकत थी।
  • सत्य-अहिंसा की राह बताने वाले, बिना लड़े आजादी दिलाने वाले।
  • बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो।
  • पाप से घृणा करो, पापी से नहीं।
  • लोकतंत्र का काम करने के लिए ऊपरी ज्ञान नहीं, बल्कि सही शिक्षा की आवश्यकता होती है।
  • निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी।
  • अहिंसा परमो धर्म
  • दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल-दिल से बात करता है।
  • करो या मरो।
  • एक राष्ट्र की संस्कृति लोगों के दिलों में और आत्मा में बसती है।
  • ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है ।
  • कमजोर लोग कभी माफ नहीं कर सकते, माफी मजबूत लोगों का गुण है।
  • आंख के बदले आंख पूरे दुनिया को अंधा बना देगी।
  • स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है। जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे ।
  • आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों।
  • दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए।
  • जब तक आप किसी को वास्तव में खो नहीं देते तब तक आप उसकी अहमियत नहीं समझते।
  • कुछ करना है तो प्यार से करें, वरना न करें।

Read this also – गुरुदेव टैगोर/gurudev tagore

लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो, तो इसे अधिक से अधिक शेयर करें और अपने विचार व सुझाव कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।

— सारिका असाटी

 

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments