
श्रावण मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या इस बार यह तिथि 12 अगस्त, बुधवार के दिन पड़ रही है। सावन के दौरान बारिश अधिक होती है जिसके चलते चारों ओर हरियाली ही हरियाली व सुहावना मौसम बना रहता है। यही कारण है कि श्रावण मास की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। यह दिन पितरों को समर्पित माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान आदि पुण्य कार्य करने से बेहद शुभ फल प्राप्त होता है। हरियाली अमावस्या पर कुछ कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए और कुछ विशेष काम करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त हो सकता है। तो आइए विस्तार से जानते हैं कि हरियाली अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
हरियाली अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?
खुदाई न करें : मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन भूलकर भी खुदाई नहीं करनी चाहिए। सावन के मौसम में मिट्टी के अंदर कई प्रकार के छोटे कीट व सांप मौजूद होते हैं। ऐसे में खुदाई से उन्हें भी हानि पहुंच सकती है। यही कारण है कि अमावस्या पर जमीन की खुदाई करना शुभ नहीं माना जाता है।
- सांप को कष्ट न पहुंचाएं : पं. राकेश झा बताते हैं कि हरियाली अमावस्या पर गलती से भी सांपों को कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए। ऐसा करने से प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।
- पेड़-पौधे न काटें : सावन के महीने और इस दौरान पड़ने वाली अमावस्या तिथि को पेड़-पौधे नहीं काटने चाहिए। नहीं उनकी जड़ मिट्टी से निकालें क्योंकि, यह हरियाली का पर्व है।
- तामसिक भोजन : श्रावण मास की अमावस्या तिथि पर लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव रुष्ट हो सकते हैं।
- सुई-धागा न दें और न लें : मान्यता है कि हरियाली अमावस्या पर किसी भी व्यक्ति से सुई-धागा नहीं लेना चाहिए और न ही किसी को यह दो सामान देने चाहिए। क्योंकि, इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से संबंधित माना गया है।
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हरियाली अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
ब्रह्मचर्य का पालन करें : हरियाली अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान व दान आदि कार्य करने चाहिए। साथ ही, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन ही करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है।
- वृक्षारोपण करें : पं. राकेश झा बताते हैं कि हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे जरूर लगाने चाहिए। यदि संभव हो तो फल देने वाले पौधे लगाने चाहिए क्योंकि, इन्हें लगाना उत्तम माना गया है। आप राशि अनुसार भी अमावस्या पर पेड़ लगा सकते हैं।
- शिवजी की पूजा : हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा जरूर करनी चाहिए। साथ ही, शिव मंदिर में शिवजी का अभिषेक भी जरूर करें। सच्चे मन से एक लोटा जल शिवलिंग पर अर्पित करने से भोले बाबा की कृपा प्राप्त हो सकती है।
- पितरों के नाम से दान : शास्त्रों में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी गई है। ऐसे में इस दिन पितरों के नाम से छाता, जूता, नमक आदि किसी जरूरतमंद को दान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- पीपल की पूजा करें : अमावस्या तिथि पर पीपल वृक्ष की पूजा करने का भी खास महत्व बताया गया है। इसके लिए पीपल के नीचे एक दीपक जरूर जलाना चाहिए। साथ ही, काले तिल अर्पित करें। ऐसा करने से पितृदोष और शनि के अशुभ प्रभावों में कमी आ सकती है।
- दीपदान करें : हरियाली अमावस्या के दिन दीपदान करना बहुत शुभ माना जाता है। इसके लिए पूजा के दौरान आटे के दीपक जलाएं। ऐसा करने से आसपास से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता बढ़ती है।
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