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भुजंगासन: सर्दी से राहत का उपाय | Bhujangasana: A Remedy for Winter Cold
सर्दी का मौसम हर किसी के लिए एक अलग अनुभव लेकर आता है। कुछ लोगों को सर्दी बहुत ज्यादा परेशान करती है, जबकि कुछ अन्य इसके आदी होते हैं। हालांकि, सर्दी लगने का कारण सिर्फ ठंडे मौसम में बाहर रहना नहीं होता, बल्कि यह हमारी इम्यूनिटी (प्रतिरक्षा प्रणाली) और शरीर के प्राकृतिक रिएक्शन से भी जुड़ा होता है। ऐसे में योग और खासकर भुजंगासन, सर्दी से राहत पाने के लिए एक प्रभावी उपाय हो सकता है।
भुजंगासन न केवल शरीर को गर्म करने में मदद करता है, बल्कि इसके अन्य कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। यह आसन शरीर की विभिन्न मांसपेशियों को मजबूत करता है और तनाव को कम करता है, जिससे इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
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भुजंगासन के स्वास्थ्य लाभ | Health Benefits of Bhujangasan

भुजंगासन को कोबरा पोज़ भी कहा जाता है। यह एक ऐसी योग मुद्रा है, जो रीढ़ की हड्डी, छाती, फेफड़ों, और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं:
- सर्दी से बचाव: भुजंगासन शरीर को गर्म करता है, जिससे सर्दी की समस्या कम होती है। यह सर्दी और जुकाम के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
- रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है: यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है।
- फेफड़ों को खोलता है: यह फेफड़ों में हवा की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करता है, जिससे श्वसन प्रणाली मजबूत होती है।
- तनाव और थकान दूर करता है: भुजंगासन मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाता है।
- साइटिका में राहत: यह निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करता है और साइटिका की समस्या में राहत प्रदान करता है।
- अस्थमा में मदद: नियमित रूप से भुजंगासन करने से अस्थमा के लक्षणों में कमी आ सकती है।
- प्रजनन प्रणाली को सुधारता है: यह महिला प्रजनन प्रणाली के लिए भी फायदेमंद है।
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भुजंगासन से पहले कौन से आसन करें? | Which Poses Should Be Done Before Bhujangasana?
भुजंगासन करने से पहले कुछ अन्य आसनों को करना बहुत फायदेमंद होता है। यह आसन आपके शरीर को पूरी तरह से तैयार करते हैं, जिससे भुजंगासन करना आसान हो जाता है और इसके लाभ भी बढ़ जाते हैं।
- बालासन (Child’s Pose): यह आसन शरीर को आराम देता है और इसे भुजंगासन से पहले करने से मांसपेशियों में लचीलापन आता है।
- गरुड़ासन (Eagle Pose): यह आसन शरीर को मजबूत करता है और भुजंगासन में मदद करने के लिए लचीला बनाता है।
- मार्जरी आसन (Cat Pose): यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और भुजंगासन से पहले शरीर को गर्म करता है।
इन आसनों को करने के बाद भुजंगासन करना और भी प्रभावी हो जाता है।

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भुजंगासन करने का सही तरीका | Correct Way to Do Bhujangasana
भुजंगासन को सही तरीके से करना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि इसके अधिकतम लाभ प्राप्त किए जा सकें और शरीर पर कोई तनाव न आए। इसे करने का तरीका इस प्रकार है:
- योगा मैट पर लेटें: सबसे पहले अपनी योगा मैट बिछाएं और पेट के बल लेट जाएं। पैरों के तलवे आसमान की ओर रहें।
- बाजू जमीन पर टिकाएं: अब अपनी बाजुओं को जमीन पर टिकाएं और शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर की ओर खींचें।
- शरीर का वजन हाथों पर डालें: अपनी दोनों हथेलियों को मजबूती से जमीन पर टिकाएं और शरीर का अधिकतम वजन अपने हाथों पर डालकर छाती को ऊपर खींचने की कोशिश करें।
- पेट का ध्यान रखें: ध्यान रखें कि पेट का निचला हिस्सा जमीन पर ही रहे और केवल ऊपरी हिस्सा ही ऊपर उठे।
- सांस की प्रक्रिया: कम से कम पांच गहरी सांसें लें और फिर उन्हें बाहर छोड़ें। इस अवस्था में 30 से 60 सेकंड तक बने रहें।
- सावधानी: जब भी भुजंगासन करें, इसे आराम से करें और कोई भी लापरवाही न बरतें।
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भुजंगासन करते समय सावधानियां | Precautions While Doing Bhujangasana
भुजंगासन करते समय कुछ सावधानियाँ बरतना जरूरी है, ताकि आपको इसका सही लाभ मिल सके और कोई चोट न लगे:
- रीढ़ की हड्डी पर ध्यान दें: चूंकि यह आसन रीढ़ की हड्डी पर प्रभाव डालता है, इसलिए इसे करते समय सावधानी बरतें। कोई भी असामान्य दर्द महसूस होने पर आसन को तुरंत छोड़ दें।
- पीठ में चोट होने पर न करें: यदि आपकी पीठ में पहले से ही कोई चोट है, तो भुजंगासन से बचें।
- गर्भवस्था में न करें: गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है।
- सिरदर्द में न करें: अगर आपको सिरदर्द हो, तो भुजंगासन करने से बचें।
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भुजंगासन के बाद कौन से आसन करें? | Which Poses to Do After Bhujangasana?

भुजंगासन के बाद कुछ आसन करना शरीर को और अधिक लचीला और मजबूत बनाता है। ये आसन भुजंगासन के लाभ को और बढ़ाते हैं:
- काउ पोज़ (Bitilasana): यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है।
- अपवार्ड डॉग पोज़ (Upward Dog Pose): यह छाती और फेफड़ों को खोलता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
- सेतुबंधासन (Bridge Pose): यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और कमर के निचले हिस्से में लचीलापन लाता है।
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भुजंगासन के अतिरिक्त लाभ | Additional Benefits of Bhujangasana
- पाचन में सुधार: यह आसन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है।
- संचार में सुधार: शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर को अधिक ऊर्जा मिलती है।
- तनाव कम करता है: यह मानसिक शांति को बढ़ाता है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।
- सांस लेने में सुधार: यह फेफड़ों के कामकाज को बेहतर बनाता है और अस्थमा के रोगियों को आराम देता है।
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निष्कर्ष | Conclusion
भुजंगासन एक प्रभावी और सरल योग आसन है, जो सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए बेहद लाभकारी है। यह रीढ़ की हड्डी, फेफड़ों और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार होता है। इसे सही तरीके से करना जरूरी है, ताकि इसके सभी लाभ प्राप्त किए जा सकें।
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