
अपनी त्वचा से सांस लेने वाला फेफड़ा विहीन सरटक | Lungless Salamander: A Marvel of Nature
फेफड़ा विहीन सरटक, जिसे लंगलेस सैलमेंडर भी कहा जाता है, एक अद्वितीय उभयचर प्रजाति है जो उत्तरी अमेरिका में पाई जाती है। यह जीव न तो गलफड़े रखते हैं और न ही फेफड़े, बल्कि यह अपनी त्वचा से सांस लेता है। इसकी 150 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, और यह अपनी अद्वितीय शारीरिक संरचना और जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध है। इस लेख में हम जानेंगे कि फेफड़ा विहीन सरटक कैसे अपनी त्वचा से सांस लेता है, इसकी विशेषताएँ क्या हैं, और इसके जीवन चक्र के बारे में क्या खास है।
-
फेफड़ा विहीन सरटक की परिभाषा और महत्व | Definition and Significance of Lungless Salamander
फेफड़ा विहीन सरटक (Lungless Salamander) उभयचर वर्ग का एक छोटा सा जीव है, जो अपनी त्वचा से ऑक्सीजन अवशोषित करता है। यह एक दिलचस्प जैविक विशेषता है, जो इसे अन्य उभयचरों से अलग करती है। इस प्रजाति का मुख्य आकर्षण यह है कि इसके शरीर में फेफड़े नहीं होते। इसके बजाय, यह अपनी त्वचा और मुंह के हिस्से से सांस लेता है, जिससे यह पर्यावरण के प्रति अपनी अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।
-
फेफड़ा विहीन सरटक की प्रजातियाँ | Species of Lungless Salamanders
फेफड़ा विहीन सरटक की लगभग 150 प्रजातियाँ दुनिया भर में पाई जाती हैं। इनमें से अधिकांश प्रजातियाँ उत्तरी अमेरिका में पाई जाती हैं, जबकि एक प्रजाति फ्रांस और इटली में भी पाई जाती है। इन प्रजातियों का आकार और रंग अलग-अलग होता है, और ये विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में पाए जाते हैं। कुछ प्रजातियाँ अंधे होती हैं और भूमिगत गुफाओं या कुंओं में रहती हैं, जबकि अन्य प्रजातियाँ पेड़-पौधों पर चढ़ने की क्षमता रखती हैं।
-
फेफड़ा विहीन सरटक की शारीरिक संरचना | Physical Characteristics of Lungless Salamander
फेफड़ा विहीन सरटक का आकार सामान्यतः 4 से 22 सेंटीमीटर तक होता है। इसके शरीर का रंग काला, ग्रे, या कत्थई हो सकता है। इसमें लंबी पूंछ होती है, जो शरीर से लगभग 18 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती है। इसके शरीर के चारों पैर छोटे होते हैं, और यह मुख्य रूप से अपनी त्वचा से ऑक्सीजन अवशोषित करता है।
- सांस लेने की प्रक्रिया: यह अपनी त्वचा से श्वसन करता है, जिससे यह ऑक्सीजन को अवशोषित कर पाता है।
- मुंह के पास रत्तध्वनियों का गुच्छा: इसका मुंह एक विशेष अंग के रूप में कार्य करता है, जो फेफड़ों की तरह कार्य करता है और श्वसन प्रक्रिया को सरल बनाता है।
Read this also – विश्व हिंदी दिवस 2026/World Hindi Day 2026
-
फेफड़ा विहीन सरटक का जीवन और आवास | Habitat and Life of Lungless Salamander
आवास और पर्यावरण
फेफड़ा विहीन सरटक ज्यादातर नम और सीमित तापमान वाले स्थानों पर रहता है। ये जीव आमतौर पर पत्थरों के नीचे, चट्टानों की दरारों में या नमी वाली जगहों पर पाए जाते हैं। उत्तरी वर्जीनिया और उत्तरी केरोलिना के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष रूप से ये जीव पाए जाते हैं। कैलिफ़ोर्निया के कुछ क्षेत्र भी इनकी पसंदीदा जगह हैं, जहाँ ये सांप जैसे दिखने वाले पतले सरटक के रूप में पाए जाते हैं।
पानी और जमीन पर रहने वाली प्रजातियाँ
फेफड़ा विहीन सरटक की कुछ प्रजातियाँ पानी में रहती हैं, जबकि कुछ प्रजातियाँ जमीन पर। पानी में रहने वाले सरटक छोटे पानी के जीव खाते हैं, जबकि जो सरटक जमीन पर रहते हैं, वे कीड़े, मकौड़े और लार्वा खाते हैं।

-
फेफड़ा विहीन सरटक का प्रजनन और जीवन चक्र | Reproduction and Life Cycle of Lungless Salamander
फेफड़ा विहीन सरटक का प्रजनन भी काफी दिलचस्प है। यह अपनी प्रजनन प्रक्रिया में कुछ अनूठी विशेषताएँ रखता है:
अंडे देने का तरीका
फेफड़ा विहीन सरटक की मादाएं अलग-अलग जगहों पर अंडे देती हैं। कुछ मादाएं पानी में अंडे देती हैं, जबकि कुछ मादाएं जमीन पर अंडे देती हैं। अधिकांश मादाएं 25 से 35 अंडों का झुंड देती हैं।
प्रजनन प्रक्रिया
डस्की नर सरटक अपने शुक्राणु एक थैली में भरकर मादा को देता है। नर सरटक इस दौरान एक प्रणय नृत्य करता है, जिससे मादा उत्तेजित होती है और थैली में भरे शुक्राणु को अपने शरीर में डाल लेती है। इन अंडों का आकार अंगूर के गुच्छे जैसा होता है।
लार्वा और विकास
अंडे से निकलने के बाद, ये लार्वा पहले जमीन पर रहते हैं, लेकिन फिर पानी में चले जाते हैं और वहां कुछ महीनों तक रहते हैं। जैसे-जैसे इनकी लंबाई बढ़ती है, ये धीरे-धीरे पानी से बाहर आकर जमीन पर रहने लगते हैं।
-
फेफड़ा विहीन सरटक के शत्रु | Predators of Lungless Salamander
फेफड़ा विहीन सरटक के प्रमुख शत्रु सांप और मेढ़क होते हैं। इन जीवों के पास आत्मरक्षा के लिए कोई विशेष अंग नहीं होते, लेकिन कुछ प्रजातियों के पास विष दांत होते हैं, जो उनकी रक्षा करने में मदद करते हैं। ये विष दांत खासकर वृक्षों पर रहने वाले सरटक में पाए जाते हैं। ये विष दांत उन्हें शिकारियों से बचाने में सहायक होते हैं।
-
फेफड़ा विहीन सरटक का भविष्य और संरक्षण | Future and Conservation of Lungless Salamander
फेफड़ा विहीन सरटक के अस्तित्व को कई खतरे भी हैं, विशेष रूप से पर्यावरणीय बदलाव और शिकारियों की वजह से। हालांकि, यह जीव संवेदनशील और नाजुक जीवों की श्रेणी में आता है, फिर भी यह अपनी अनूठी जीवविज्ञान के कारण जीवित रहता है। इसके संरक्षण के लिए अभी और प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि इसकी विभिन्न प्रजातियाँ आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रह सकें।
Read this also – उपभोक्ता अधिकार एवं संरक्षण/Consumer Rights and Protection
निष्कर्ष | Conclusion
फेफड़ा विहीन सरटक एक अद्भुत जीव है जो अपनी त्वचा से सांस लेकर अपनी जीवित रहने की प्रक्रिया को अंजाम देता है। इसकी शारीरिक विशेषताएँ, पर्यावरण में अनुकूलन, और प्रजनन प्रक्रिया इसे प्रकृति का एक अद्वितीय उदाहरण बनाती हैं। इन जीवों के संरक्षण के लिए हमें उनके आवास और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है, ताकि यह प्रजाति भविष्य में भी जीवित रह सके।
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है लेख पसंद आये तो इसे ज़्यादा से ज्यादा शेयर करें। अपने विचार और सुझाव कमेंटबॉक्स में ज़रूर लिखे।

